Janjgir Champa Farmer Suicide Attempt: धान नहीं बिकने पर टूटा किसान, जहर पीकर की आत्महत्या की कोशिश; वीडियो बनाकर बयां किया दर्द

Janjgir Champa Farmer Suicide Attempt

Janjgir Champa Farmer Suicide Attempt: जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सांकर में एक किसान द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। धान की बिक्री नहीं होने और भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं मिलने से आहत किसान ने कीटनाशक दवा (Akaltara farmer poison) का सेवन कर लिया। आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसान ने करीब चार मिनट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जो अब वायरल हो रहा है। (धान नहीं बिकने से किसान ने जहर पिया)

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन रात में ही किसान को बिलासपुर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक किसान की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

एक महीने से धान बेचने के लिए लगा रहा था चक्कर

जानकारी के अनुसार ग्राम सांकर निवासी किसान अनुराग सिंह चंदेल पिछले एक महीने से धान बेचने के लिए समिति और संबंधित विभागों के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसका टोकन नहीं कट पाया था। इससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था।

Janjgir Champa Farmer Suicide Attempt

वीडियो में किसान ने कहा है कि धान नहीं बिकने और भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन का मुआवजा पिछले चार वर्षों से नहीं मिलने के कारण वह गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया है। उसने बढ़ते कर्ज और परिवार की जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की।

कर्ज के बोझ से था परेशान

बताया जा रहा है कि किसान पर भारी कर्ज था। पूर्व में भी उसका धान नहीं बिक पाया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपनी जमीन तक बेच दी थी, इसके बावजूद उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो सका। इन्हीं परिस्थितियों से टूटकर उसने आत्महत्या (Akaltara farmer Suicide Attempt) का प्रयास किया।

मामले को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसान द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम का मुख्य कारण भारतमाला परियोजना का मुआवजा नहीं मिलना बताया गया है। कलेक्टर का कहना है कि किसान का धान बिक्री का टोकन कट चुका है। पुलिस द्वारा किसान का बयान लिया गया है, जिसमें उसने मुआवजा नहीं मिलने को प्रमुख कारण बताया है। प्रशासन ने कहा है कि किसान के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश में धान बिक्री के टोकन को लेकर किसान आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो चुके हैं। महासमुंद में टोकन नहीं मिलने से एक किसान ने ब्लेड से खुद को काट लिया था, जबकि कोरबा में भी इसी वजह से किसान ने कीटनाशक का सेवन किया था।

 

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