यह खबर रायपुर से है, जहां पिछले 24 घंटों में इंडिगो एयरलाइन ने अचानक करीब 20 उड़ानें रद्द कर दीं। वजह बताई जा रही है. क्रू स्टाफ और पायलट की कमी। लेकिन इसका सीधा असर पड़ा लगभग 7 हजार यात्रियों पर, जो घंटों से एयरपोर्ट में फंसे हुए हैं और परेशान हैं।
सुबह से ही रायपुर एयरपोर्ट पर तनाव का माहौल है। लोग काउंटर पर लाइन में लगे हैं, कोई स्टाफ से बहस कर रहा है, तो कोई गुस्से में इधर-उधर घूम रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि न तो कोई मैसेज आया, न ई-मेल, और न ही एयरलाइन की तरफ से कोई साफ जानकारी दी गई।
आज 6 दिसंबर को भी तीन बड़ी फ्लाइटें कैंसिल हुईं—कोलकाता, हैदराबाद और इंदौर की उड़ानें। इससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। खासकर उन लोगों की, जिन्हें दिल्ली या मुंबई से इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़नी थी। शाम की कई उड़ानों के भी कैंसिल होने की आशंका है।
सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई, जो पिछले 24 घंटे से एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। हैदराबाद और चेन्नई जाने वाले 100 से ज्यादा लोग एयरपोर्ट पर रुके हैं। न रूम मिला, न खाना… लोगों को चाय, पानी और नाश्ता तक खुद खरीदना पड़ रहा है।
सबसे दुखद बात यह है कि कई यात्रियों को जरूरी काम से जाना था।
– एक महिला दिल्ली नहीं जा सकीं, जहां उनका बीमार बेटा उनका इंतज़ार कर रहा है।
– मुंबई और कोलकाता से विदेश जाने वाले कई बिज़नेस ट्रैवलर्स की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट छूट गई।
– जयपुर में एक शादी समारोह के लिए जा रहा बैंड ग्रुप सुबह से एयरपोर्ट पर फंसा रहा। उनके दो प्रोग्राम रद्द हो गए, लाखों का नुकसान हुआ, लेकिन एयरलाइन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला।
गुस्साए यात्रियों का कहना है कि एयरलाइन कंपनियों को इतनी छूट मिली हुई है कि वे मनमानी कर रही हैं। बावजूद इसके इंडिगो की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लोगों की मांग है कि उन्हें पूरा रिफंड दिया जाए और जो अतिरिक्त नुकसान हुआ है, उसकी भी भरपाई हो।
रायपुर एयरपोर्ट पर हालात अभी भी शांत नहीं हैं. लोग सवाल पूछ रहे हैं, जवाब कोई नहीं दे रहा।
