Bhupesh Baghel CBI Raid : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित निवासों पर CBI की टीम ने आज सुबह छापेमारी की। इस छापे के दायरे में उनके राजनीतिक सलाहकार एवं वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव सहित 5 IPS अभिषेक पल्लव, ASP संजय ध्रुव, ASP आरिफ शेख, आनंद छाबड़ा, प्रशांत अग्रवाल और दो सिपाही नकुल-सहदेव के घर CBI ने छापा मारा है।

CBI की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, 26 मार्च की तड़के CBI की 10 से अधिक टीमें रायपुर से अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई के लिए रवाना हुईं। इनमें से एक टीम ने भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पर छापा मारा।
महादेव सट्टा एप से जुड़ा है मामला
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की ये पूरी कार्रवाई महादेव सट्टा एप के संचालन और उससे जुड़े रुपए के लेनदेन को लेकर है। देवेंद्र और भूपेश बघेल के यहां समर्थकों की भीड़ फिर पहुंचने लगी है।
CBI कार्रवाई पर भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
भूपेश बघेल ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए X (ट्विटर) पर पोस्ट किया कि अब CBI आई है. उन्होंने आगे बताया कि 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद (गुजरात) में होने वाली AICC (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) की बैठक के लिए गठित “ड्राफ्टिंग कमेटी” की बैठक में शामिल होने के लिए आज उनका दिल्ली जाने का कार्यक्रम था। लेकिन उससे पहले ही CBI ने उनके रायपुर और भिलाई स्थित आवासों पर दबिश दी।
बार-बार भूपेश बघेल को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय – TS सिंह देव
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एक्स पर लिखा, बार-बार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एजेंसियों द्वारा परेशान करना बेहद निंदनीय है. ये केवल भूपेश बघेल की छवि को खराब करने की भाजपा की नाकाम कोशिश है. प्रदेश की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ राज्य को चलाने में असमर्थ साबित हो रही है, इसीलिए जनता से जुड़े मुद्दों से का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रयास कर रही है. पहले ED फिर CBI – जांच एजेंसियों को भाजपा की B team बन कर काम करने से फुर्सत ही नहीं है. अभी हाल में ED द्वारा विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई को रिपोर्ट खुद सरकार को जब दिखानी पड़ी तो निश्चित हो गया कि यह केवल धमकाने और परेशान करने का हथियार बना हुआ है. भाजपा द्वारा राजनीतिक द्वेष की भावना से की जा रही यह कार्रवाई लोकतंत्र का हनन है.
पहले भी हो चुकी है भूपेश बघेल के घर ED की छापेमारी
बता दें कि बीते 10 मार्च को भी ED की टीम ने भूपेश बघेल के भिलाई निवास पर छापा मारा था. ईडी के अफसरों ने पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार से 11 घंटे तक पूछताछ की. इस दौरान दस्तावेजों, सोने-चांदी के जेवरातों की जांच की गई. साथ ही परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की जांच की गई. ED ने भूपेश बघेल के घर से 33 लाख रुपये नगद बरामद किए थे.
