Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड की ग्राम पंचायत उड़ागी से मनरेगा में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत करीब 150 मकानों में मजदूरी करने वाले श्रमिकों को भुगतान नहीं किया गया।

फर्जी नाम जोड़कर किया गबन (Rojgar Sahayak Fake muster roll)
ग्रामीणों का कहना है कि जिन मजदूरों ने ईमानदारी से मकान निर्माण में काम किया, उनके नाम मस्टररोल में शामिल नहीं किए गए। इसके बजाय उन लोगों के नाम दर्ज किए गए जिन्होंने कोई काम ही नहीं किया।
150 मकानों में फर्जीवाड़ा (MGNREGA Scam Udagi Bilaspur)
पीड़ित अशोक मरावी ने बताया कि गांव में पीएम आवास योजना (PM Awas Yojana Scam Bilaspur) के तहत 229 मकान स्वीकृत हुए थे। इनमें से 150 मकानों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि रोजगार सहायक ने फर्जी मस्टररोल तैयार कर 31 लाख 50 हजार रुपये का गबन किया।

जांच के आदेश (Bilaspur MGNREGA Ghotala)
ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ को जांच के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।
