Flight Ticket Price: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही महंगे फ्लाइट टिकटों से राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने एयरलाइंस की मनमानी किराया व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए नए नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि ये नियम अगले दो सप्ताह के भीतर जारी कर दिए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी नियमों की प्रति
सुप्रीम कोर्ट में एयरलाइंस के मनमाने किराए के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने नए नियमों की जानकारी दी। अदालत ने निर्देश दिया कि 16 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में सरकार नए नियम कोर्ट के समक्ष पेश करे।
एयरलाइन शेयरों पर दिखा असर
सरकार की सख्ती की खबर का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शेयर करीब 2 प्रतिशत गिरकर 4,674 रुपये पर बंद हुआ। निवेशकों को आशंका है कि नए नियम लागू होने से एयरलाइंस के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
इससे पहले अगस्त में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नियमों का पालन नहीं करने वाली एयरलाइंस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। सरकार ने तब बताया था कि अंतरिम दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कई एयरलाइंस उनका पालन नहीं कर रही थीं।
त्योहारों और पीक सीजन में किराए पर रहेगी नजर
नए नियम लागू होने के बाद यह तय होगा कि त्योहारों, छुट्टियों या अधिक मांग के दौरान एयरलाइंस टिकट किराए में कितनी बढ़ोतरी कर सकेंगी। इससे यात्रियों को अचानक बढ़ने वाले किराए से राहत मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में बढ़ा था हवाई किराया
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) महंगा होने के बाद हाल ही में एयर इंडिया और इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में बढ़ोतरी की थी। एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों में 1,200 रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 17,800 रुपये तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लागू किया था। इंडिगो ने भी 6 अक्टूबर से किराए में बढ़ोतरी की थी।
जेट फ्यूल लगातार हुआ महंगा
1 अक्टूबर से एटीएफ की कीमत 121 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 137 रुपये प्रति लीटर हो गई। पिछले तीन महीनों में जेट फ्यूल की कीमत में कुल 27.28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस के संचालन खर्च पर पड़ा है।
क्या है डायनामिक प्राइसिंग
एयरलाइंस टिकट किराया तय करने के लिए डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम का उपयोग करती हैं। इसमें सीटों की उपलब्धता कम होने या मांग बढ़ने पर टिकट की कीमतें स्वतः बढ़ जाती हैं। नए नियमों का उद्देश्य इसी तरह की अत्यधिक किराया वृद्धि पर नियंत्रण करना है।


