Bastar Flood: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए कहा कि शासन की निर्धारित सहायता राशि के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10-10 हजार रुपए की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का सर्वे जल्द पूरा कर पात्र हितग्राहियों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
राहत कार्यों में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इंद्रावती नदी के जलस्तर का लिया जायजा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के बढ़े जलस्तर और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत दल सक्रिय करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, जलस्रोतों की सफाई, स्वास्थ्य शिविर, दवाइयों की उपलब्धता और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहें।
मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का होगा सर्वे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्तियों का पारदर्शी तरीके से सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन कर सभी पात्र परिवारों को शासन के नियमों के अनुसार जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत और सामान्य जनजीवन बहाल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सहायता और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।


