IGKV Paper Leak: रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के बीएससी कृषि फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी और सेकंड ईयर के कीटशास्त्र विषय के पेपर लीक मामले में पुलिस ने प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं। यह पूरा मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।![]()
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि दुर्ग का एक प्रोफेसर इस पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी है। उसने सीलबंद प्रश्नपत्र के लिफाफे में छोटा छेद कर एंडोस्कोपी कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया और फिर छात्रों को बेच दिया।
Raipur Paper Leak: IGKV पेपर लीक मामले में प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार, यहां से लीक हुआ था पेपर
2500 में खरीदा कैमरा, लिफाफे में किया छेद
पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने करीब 2500 में एंडोस्कोपी कैमरा खरीदा था। उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से प्रश्नपत्र वाले लिफाफे में छोटा छेद किया। इसके बाद कैमरे को अंदर डालकर प्रश्नपत्र का वीडियो बना लिया।
वीडियो से प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर उसने अपने कॉलेज के छात्रों को ₹11000 में बेच दिया। इसके बाद पेपर सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हो गया।
प्रोफेसर है मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी योगेश सोनकेसरिया दुर्ग जिले के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में साल 2019 से प्रोफेसर है। वह पिछले करीब एक साल से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और प्रश्नपत्र लेने के लिए रायपुर कृषि महाविद्यालय आता था।
17 अगस्त को वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय पहुंचा था। इसी दौरान उसने आगामी परीक्षा के प्रश्नपत्र लिए और कीटशास्त्र विषय का पेपर अपने घर ले गया।
11 हजार में बेचा पेपर
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक समेत अन्य छात्रों को 11 हजार रुपए में बेचा था। इसके बाद अजय नायक ने पेपर त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाया।
इसके बाद प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा स्थगित कर दी और तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
6 घंटे में खुला पेपर लीक का मामला
पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर मामले की जांच शुरू की। दुर्ग निवासी अनुज मिंज से पूछताछ के बाद पुलिस को अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी मिली।
इसके बाद रायपुर, दुर्ग, कवर्धा और बिलासपुर में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने दबिश दी। करीब 36 घंटे की जांच के बाद पुलिस ने पेपर लीक मामले का खुलासा किया।
मोबाइल, कैमरा और नकदी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 हजार रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल समेत अन्य सामान जब्त किया है।
6 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।







