CG Congress: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा, नए अध्यक्ष की तलाश तेज

CG Congress: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का तीन वर्षीय कार्यकाल 12 जुलाई को पूरा हो गया है। पार्टी में आमतौर पर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी तीन साल के लिए दी जाती है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में हाईकमान तय करता है कि मौजूदा अध्यक्ष को पद पर कब तक बनाए रखा जाए।

CG Congress: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का तीन वर्षीय कार्यकाल 12 जुलाई को पूरा हो गया है। पार्टी में आमतौर पर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी तीन साल के लिए दी जाती है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में हाईकमान तय करता है कि मौजूदा अध्यक्ष को पद पर कब तक बनाए रखा जाए।tc

प्रदेश कांग्रेस के इतिहास में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यकाल सबसे लंबा रहा है। वे करीब पांच साल तक प्रदेश अध्यक्ष रहे और उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाई। वहीं मोहन मरकाम करीब चार साल तक इस पद पर रहे। अन्य अधिकांश प्रदेश अध्यक्षों का कार्यकाल दो से तीन साल के बीच रहा है।

दीपक बैज का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से करीब एक से डेढ़ साल पहले तक उन्हें पद पर बनाए रखा जा सकता है और उसके बाद बदलाव पर फैसला लिया जा सकता है।

नए अध्यक्ष को लेकर मंथन

पार्टी के वरिष्ठ नेता फिलहाल नए नामों पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन संगठन के भीतर कई नेता इस पद के संभावित दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व अनुभवी और युवा – दोनों विकल्पों पर विचार कर सकता है।

दीपक बैज को सांसद रहते प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। बाद में उन्होंने 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। मोहन मरकाम के बाद आदिवासी वर्ग से ही दीपक बैज को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

दावेदारों के नाम चर्चा में

वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि यदि पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देती है तो वे इसके लिए तैयार हैं। उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया था, हालांकि बाद में उन्होंने समर्थकों से ऐसा नहीं करने की अपील की।

पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में उनके लगातार दिल्ली दौरे को भी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

युवा चेहरे पर भी नजर

रायपुर में जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विधायक उमेश पटेल के बीच हुई करीब 15 मिनट की मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि उमेश पटेल ने बातचीत का विषय सार्वजनिक नहीं किया।

यदि पार्टी युवा और अन्य पिछड़ा वर्ग के चेहरे पर दांव लगाती है तो उमेश पटेल और विधायक देवेंद्र यादव दोनों प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। दोनों नेताओं को संगठन में सक्रिय और भविष्य के महत्वपूर्ण चेहरों के रूप में देखा जा रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *