Mahadev Betting App: महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर का फर्जी पासपोर्ट वायरल, फोटो खुद की, नाम किसी और का

Mahadev Betting App: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने के बाद उससे जुड़ा एक कथित फर्जी पासपोर्ट सामने आया है। वायरल दस्तावेज में तस्वीर सौरभ चंद्राकर की बताई जा रही है, जबकि नाम श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियां दस्तावेज की जांच कर रही हैं।

Mahadev Betting App: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने के बाद उससे जुड़ा एक कथित फर्जी पासपोर्ट सामने आया है। वायरल दस्तावेज में तस्वीर सौरभ चंद्राकर की बताई जा रही है, जबकि नाम श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियां दस्तावेज की जांच कर रही हैं।

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फर्जी पासपोर्ट से ओमान में प्रवेश

जांच एजेंसियों के अनुसार सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश किया था। सामने आए दस्तावेज में पासपोर्ट संख्या E3387986 दर्ज है। इसमें उसे 11 मार्च 1998 को जन्मा दक्षिण-पूर्व एशियाई नागरिक दर्शाया गया है। एजेंसियां इस पहचान और दस्तावेज की सत्यता की जांच कर रही हैं।

अलग-अलग दस्तावेजों में अलग पहचान

जांच में यह भी सामने आया है कि सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल ने पहले वानूआतू की नागरिकता हासिल की थी। उस दस्तावेज में सौरभ की जन्मतिथि 13 जनवरी 1995 दर्ज है, जबकि कथित फर्जी पासपोर्ट में जन्मतिथि 11 मार्च 1998 बताई गई है। अलग-अलग दस्तावेजों में अलग पहचान और जन्मतिथि मिलने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इसका उपयोग कानूनी कार्रवाई और प्रत्यर्पण से बचने के लिए तो नहीं किया गया।

जांच एजेंसियां कर रही हैं पड़ताल

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जी पहचान और पासपोर्ट किस नेटवर्क के माध्यम से तैयार किए गए और उनका इस्तेमाल किन-किन देशों में किया गया। मामले में कई पहलुओं की जांच जारी है।

रेड नोटिस हटाने की याचिका खारिज

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, धन शोधन और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहे हैं। हाल ही में इंटरपोल के संबंधित प्राधिकरण ने सौरभ चंद्राकर की रेड नोटिस हटाने की याचिका खारिज कर दी। प्राधिकरण ने माना कि मामला वित्तीय अपराध और धन शोधन से जुड़ा है, इसलिए रेड नोटिस जारी रहेगा।

 

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