विगत दिनों ऑस्ट्रेलिया दौरे में मिली करारी हार के बीच जिन कुछ पहलुओं पर दिग्गजों और फैंस के बीच जोर-शोर से चर्चा हुई, उनमें से एक खिलाड़ी शार्दूल ठाकुर भी थे, जिनकी भारतीय टीम के दौरे के लिए अनदेखी की गई थी. हालांकि, गौतम का नीतीश रेड्डी के रूप में चला “गंभीर दांव” काम कर गया. इसी के साथ शार्दूल से जुड़े सवाल भी दफन हो गए, लेकिन यह बॉलर-कम ऑलरांडर न हार मानने को ही राजी है और न ही उनके जज्बे पर इसका रत्ती भर भी असर पड़ा है.

वीरवार को अपने घर मुंबई में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ शुरू हुए रणजी ट्रॉफी मुकाबले के पहले दिन जहां रोहित , यशस्वी जायसवाल शिवम दुबे जैसे स्टार खिलाड़ी जहां दहाई का भी आंकड़ा नहीं छू सके, तो शार्दूल ने इस संकट के समय फिर दिखाया कि फैंस ने उन्हें “लॉर्ड” का तमगा क्यों दिया है. कहीं ज्यादा अनुभवहीन टीम के गेंदबाजों के सामने मुंबई की टीम पहली पारी में सिर्फ 33. 2 ओवरों में 120 रन पर सिमट गई, नंबर आठ पर खेलने उतरे शार्दूल ने 57 गेंदों पर 5 चौकों और 2 छक्कों से 51 रन की पारी खेलते ड्रेसिंग रूम में बैठे स्टारों को दिखाया कि इस पिच पर बैटिंग की जा सकती थी. यह ठाकूर की अति महत्वपूर्ण पारी रही कि वर्तमान रणजी ट्रॉफी चैंपियंस स्कोर को सौ के पार ले जाने में सफल रहा.
