PM Kisan Yojana: 65 हजार से ज्यादा किसानों को नहीं मिला किसान सम्मान निधि का पैसा, ये है बड़ी वजह

PM Kisan Samman Nidhi Yojana

PM Kisan Yojana: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अब भी बड़ी संख्या में पात्र किसानों तक नहीं पहुंच पाया है। कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले के 65 हजार से अधिक किसान योजना से वंचित हैं। पंजीयन के मामले में बेमेतरा दुर्ग संभाग के पांच जिलों में सबसे पीछे है। विभागीय प्रयासों के बावजूद पंजीयन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी है।tcw

1.29 लाख किसानों का हुआ पंजीयन

कृषि विभाग के अनुसार जिले में कुल 1,86,932 किसान पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 1.29 लाख किसानों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीयन हुआ है। वहीं ई-केवाईसी और आधार सीडिंग की अनिवार्य प्रक्रिया सिर्फ 1,21,805 किसानों की ही पूरी हो सकी है। इसका मतलब है कि 65,127 किसान अब भी योजना के लाभ से बाहर हैं। जिले में कुल किसानों के मुकाबले पंजीयन का प्रतिशत केवल 64 फीसदी है, जो दुर्ग संभाग में सबसे कम है।

दुर्ग संभाग के अन्य जिलों की स्थिति बेमेतरा की तुलना में बेहतर है। कबीरधाम में 86 प्रतिशत किसानों का पंजीयन हो चुका है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 81 प्रतिशत, जबकि दुर्ग और राजनांदगांव में 79 प्रतिशत किसानों का पंजीयन पूरा हो चुका है। कृषि प्रधान जिला होने के बावजूद बेमेतरा का सबसे निचले स्थान पर होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

योजना की धीमी प्रगति के पीछे वर्ष 2019 से मार्च 2020 के दौरान हुई अनियमितताओं को भी बड़ा कारण माना जा रहा है। उस दौरान राजस्व विभाग के माध्यम से हुए पंजीयन में 89,195 अपात्र किसानों को करीब 100.46 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई थी। इसके बाद जांच और वसूली की प्रक्रिया शुरू हुई। अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद पंजीयन प्रक्रिया में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, जिससे नए पात्र किसानों का पंजीयन भी प्रभावित हुआ है।

जागरूकता अभियान चला रहा विभाग

उप संचालक कृषि मोरध्वज डरसेना ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जिले के 18 हजार नए किसानों का पंजीयन किया गया है। वहीं पहले अपात्र पाए गए 54 हजार किसानों के नाम सूची से हटाए गए हैं। विभाग लगातार ई-केवाईसी और आधार सीडिंग का कार्य करा रहा है। पंचायत स्तर पर विशेष शिविर और जागरूकता अभियान चलाकर शेष पात्र किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और ऑनलाइन सत्यापन की अनिवार्यता के कारण कई किसान प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी जानकारी और जागरूकता की कमी भी बड़ी बाधा बनी हुई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6 हजार रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। ऐसे में हजारों पात्र किसानों का अब भी योजना से बाहर रहना चिंता का विषय बना हुआ है।

 

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