CG Police Salary Scam: छत्तीसगढ़ के बस्तर पुलिस विभाग में वेतन भुगतान से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। एसपी कार्यालय की वेतन शाखा में पदस्थ तीन आरक्षकों पर सैलरी बिल में हेराफेरी कर करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन करने का आरोप है। मामले का खुलासा ऑडिट के दौरान हुआ, जिसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। (बस्तर पुलिस वेतन घोटाला)![]()
पुलिस के अनुसार, वेतन खर्च के ऑडिट में एआई (AI) आधारित विश्लेषण (Bastar Police AI Audit) का उपयोग किया गया। पांच वर्षों के वेतन भुगतान का डेटा जांचने पर असामान्य बढ़ोतरी सामने आई। इसके बाद विस्तृत जांच में सैलरी बिलों में गड़बड़ी और सरकारी राशि के दुरुपयोग का खुलासा हुआ।
2 साल तक करते रहे हेराफेरी (बस्तर पुलिस वेतन घोटाला)
बस्तर SP सलभ सिन्हा ने बताया कि वेतन शाखा में पदस्थ आरक्षक गिरीश राय, राजकुमार कतलम और डीएसएफ आरक्षक हेमंत मैथ्यू ने पिछले करीब दो वर्षों से सैलरी बिलों में हेराफेरी कर अलग-अलग भत्तों की राशि बढ़ाई और सरकारी धन अपने खातों में ट्रांसफर कराया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने DDO के डिजिटल सिग्नेचर वाली पेन ड्राइव का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से वेतन बिल तैयार किए। दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के कई साक्ष्य भी मिले हैं।
1 सप्ताह तक चली जांच
करीब एक सप्ताह तक दस्तावेज, सैलरी बिल और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। पूछताछ के दौरान तीनों आरक्षकों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में केवल तीन आरोपी शामिल थे या किसी अन्य कर्मचारी की भी भूमिका रही है। साथ ही गबन की वास्तविक राशि, पैसा किन-किन खातों में गया, उसका उपयोग कहां हुआ और इससे किसे लाभ मिला, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5), 338, 336(3), 340, 61(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(C) के तहत मामला दर्ज किया है।


