CG News: 3 महीने बंद रहेंगे छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य, आखिर क्यों? जानिए..

CG News: 3 महीने बंद रहेंगे छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य, आखिर क्यों? जानिए..

CG News: प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए जरूरी खबर है। छत्तीसगढ़ के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्यों को 15 जून से अगले तीन महीनों के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। मानसून सीजन के दौरान वन्यजीवों के प्रजनन काल, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने यह निर्णय लिया है।tcw

15 जून से 1 अक्टूबर तक बंद

वन विभाग के निर्देशानुसार 15 जून से 1 अक्टूबर तक किसी भी पर्यटक को टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस अवधि में जंगल सफारी और पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। वन्यजीव संरक्षण सप्ताह की शुरुआत के साथ 2 अक्टूबर से इन संरक्षित क्षेत्रों को दोबारा पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

हर साल लागू होता है यह नियम

पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख अरुण पांडेय ने बताया कि मानसून के दौरान जंगलों में भारी बारिश के कारण रास्ते, नदी-नाले और वन मार्ग जोखिमपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर वर्ष यह व्यवस्था लागू की जाती है।

उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल सुरक्षा के लिहाज से नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। मानसून का समय अधिकांश वन्यजीवों के प्रजनन काल का होता है, इसलिए उन्हें शांत और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी होता है।

वन्यजीवों को मिलेगा सुरक्षित माहौल

विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में जंगलों में मानवीय गतिविधियां कम होने से वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और प्रजनन प्रक्रिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे जैव विविधता के संरक्षण में भी मदद मिलती है।

पर्यटकों की सुरक्षा भी बड़ी वजह

मानसून के दौरान जंगलों में फिसलन, जलभराव, उफनते नाले और भूस्खलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे हालात पर्यटकों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसी कारण वन विभाग हर साल मानसून अवधि में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाता है।

2 अक्टूबर से फिर शुरू होगी जंगल सफारी

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 2 अक्टूबर से वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के अवसर पर सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य पुनः पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद पर्यटक फिर से जंगल सफारी और वन्यजीव दर्शन का आनंद ले सकेंगे।

वन विभाग का कहना है कि भले ही इस निर्णय से कुछ समय के लिए पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होती हैं, लेकिन वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह कदम सतत पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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