CG Microfinance: माइक्रोफाइनेंस संस्थानों पर अवैध लोन का आरोप, जबरन वसूली से गरीब परिवार तबाह

CG Microfinance: छत्तीसगढ़ में माइक्रोफाइनेंस संस्थानों की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इसाफ को-ऑपरेटिव, इसाफ बैंक सहित अन्य माइक्रोफाइनेंस संस्थानों पर अवैध लोन वितरण और जबरन वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कटौद निवासी उपेन्द्र नाथ चंद्रा ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को शिकायत पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

CG Microfinance: छत्तीसगढ़ में माइक्रोफाइनेंस संस्थानों की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इसाफ को-ऑपरेटिव, इसाफ बैंक सहित अन्य माइक्रोफाइनेंस संस्थानों पर अवैध लोन वितरण और जबरन वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कटौद निवासी उपेन्द्र नाथ चंद्रा ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को शिकायत पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि माइक्रोफाइनेंस संस्थान आरबीआई के नियमों को ताक पर रखकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उनकी वास्तविक आय से कहीं अधिक लोन दे रहे हैं। लोन चुकाने में थोड़ी भी देरी होने पर संबंधित संस्थानों के एजेंटों द्वारा अवैध वसूली, मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक रूप से अपमानित करने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

आरोप है कि संस्थानों द्वारा जानबूझकर क्रेडिट रिपोर्ट में गलत एंट्री की जाती है, जिससे लोनग्राहकों का भविष्य खराब हो जाता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कर्मचारियों पर कार्रवाई दिखाकर बड़े अधिकारियों को बचाया जाता है, जबकि पूरा सिस्टम गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाने का काम कर रहा है। लोन वसूली के दबाव में कई परिवार आर्थिक, मानसिक और सामाजिक संकट से गुजर रहे हैं। मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों की गहन जांच की मांग की गई है।

 

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