Gariyaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। उदंती सीता नदी अभयारण्य में एक बीमार हाथी ने ग्रामीण के प्राइवेट पार्ट को कुचलकर मार डाला, जमीन पर पटक-पटक कर उसकी जान ले ली।

मृतक की पहचान 45 वर्षीय जंगल राम (Jangal Ram) के रूप में हुई है, जो कमार जनजाति से था। यह घटना कोदोमाली गांव की है। जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर देर रात जंगल राम अपने घर के पास टॉयलेट के लिए निकला था, तभी झाड़ियों से निकले हाथी ने उसे सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया। वह तब तक उसे कुचलता रहा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
उसकी चीख-पुकार सुनकर पत्नी जिला बाई दौड़ी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिजनों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
डॉक्टरों के अनुसार, जंगल राम के शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं। पसलियां टूट चुकी थीं, और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें आई थीं। माना जा रहा है कि हमले के दौरान हाथी ने उसे बुरी तरह से कुचल दिया था।
बीमार हाथी बना जान का खतरा
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह 15 वर्षीय नर हाथी पिछले कुछ समय से बीमार है। उसके मुंह में छाले पड़ने के कारण वह भूखा और आक्रामक हो गया है। इलाज के लिए ट्रैंक्युलाइजेशन (बेहोश कर उपचार) की अनुमति नहीं मिलने से स्थिति और बिगड़ रही है।

मुआवजा राशि का ऐलान
वन उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपए तत्काल सहायता के रूप में दिए गए हैं। जल्द ही जनहानि का प्रकरण तैयार कर 6 लाख रुपए का मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने तौरेंगा रेंज और आसपास के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
