रायपुर। बस्तर में सुरक्षा बलों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीपावली और स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों का चयन आज की प्रमुख खबरें हैं। 8 नवंबर 2026, रविवार के Evening Bulletin में अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ा नया घटनाक्रम भी शामिल है।
1. बस्तर के करनपुर में जवानों के साथ प्रधानमंत्री ने मनाई दीपावली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को बस्तर के करनपुर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचकर सुरक्षा बलों के साथ दीपावली मनाई। उन्होंने जवानों से बातचीत की और उन्हें मिठाई बांटी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “यह पहली दीवाली है जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है।” उन्होंने यह भी कहा कि 47 साल में पहली बार पिछले एक वर्ष में सीआरपीएफ के किसी जवान को ड्यूटी के दौरान जान नहीं गंवानी पड़ी।
प्रधानमंत्री ने सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, राज्य पुलिस, बस्तर फाइटर्स और महिला फाइटर्स के योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर को भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की राह पर आगे बढ़ता बताया।
2. स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा का राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयन हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 11 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में इन नगरीय निकायों को सम्मानित करेंगी।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने चयन की औपचारिक सूचना राज्य सरकार को दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सफाई मित्रों को बधाई दी।
3. अमेरिका-ईरान युद्ध: मालवाहक जहाज पर हमला, होर्मुज में टैंकरों में आग
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के अनुसार ईरानी बंदरगाह से निकलकर नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे मालवाहक जहाज एम/वी हुदा पर अमेरिकी विमान ने हमला कर उसे रोक दिया। कमांड ने कहा कि जहाज के चालक दल ने बार-बार दी गई चेतावनियों का पालन नहीं किया।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों में आग लगी। इस बीच अमेरिका ने “टास्क फोर्स आयरन गेट” बनाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य ईरान की जमीनी सीमाओं और कैस्पियन सागर के रास्ते हथियारों, दोहरे उपयोग की तकनीक तथा प्रतिबंधित सामग्री की आवाजाही रोकना है।
