Kanger Valley National Park: बस्तर के प्रसिद्ध कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में इस वर्ष पर्यटकों के लिए सफारी सत्र निर्धारित समय से 12 दिन पहले शुरू कर दिया गया है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए सत्र की शुरुआत की गई है।
सफारी सत्र शुरू होने के साथ ही पर्यटक राष्ट्रीय उद्यान की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और रोमांचक पर्यटन गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। पर्यटकों के लिए जिप्सी सफारी के साथ कोटमसर गुफा, कांगेर धारा और तीरथगढ़ जलप्रपात का भ्रमण भी उपलब्ध रहेगा।
जिप्सी सफारी और बांस राफ्टिंग का मिलेगा मौका
मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव उत्तम गुप्ता ने सत्र का पहला टिकट जारी कर जिप्सी सफारी की शुरुआत की। मानसून के बाद शुरू हुए इस सत्र में पर्यटक मांझीपाल में बांस राफ्टिंग और कयाकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का भी आनंद ले सकेंगे।
समय से पहले सफारी शुरू होने से पर्यटकों को बस्तर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
धुरवा जनजातीय नृत्य होगा आकर्षण का केंद्र
पर्यटकों को बस्तर की जनजातीय संस्कृति से परिचित कराने के लिए कोटमसर बैरियर पर इको विकास समिति की ओर से धुरवा जनजातीय नृत्य का आयोजन किया जा रहा है।
इस पहल से स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय समुदाय के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
प्लास्टिक मुक्त सफारी पर विशेष जोर
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस बार प्लास्टिक मुक्त सफारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्यान प्रबंधन ने क्षेत्र में प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।
पर्यटकों से अपील की गई है कि वे प्लास्टिक की बोतलें और पॉलीथिन साथ लेकर न आएं और उद्यान की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।


