Mahtari Vandan Yojna: पुरुष को भी मिला महतारी वंदन का पैसा, जानें कैसे

Mahtari Vandan Yojna

Mahtari Vandan Yojna: खैरागढ़: महतारी वंदन योजना में सत्यापन प्रक्रिया की बड़ी लापरवाही सामने आई है। खैरागढ़ जिले में एक पुरुष के खाते में महतारी वंदन योजना की राशि करीब 12 महीने तक जमा होती रही। मामला सामने आने के बाद विभाग ने राशि की रिकवरी तो कर ली, लेकिन पूरी सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। (पुरुष के खाते में आया महतारी वंदन का पैसा)tcw

पुरुष को भी मिला महतारी वंदन

जानकारी के अनुसार, गांव मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू का आवेदन महतारी वंदन योजना के पोर्टल पर दर्ज हो गया। हैरानी की बात यह रही कि आवेदन में हितग्राही का नाम भी तिलोक साहू और पति का नाम भी तिलोक साहू ही दर्ज था। इसके बावजूद आवेदन का आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर स्तर पर सत्यापन कर दिया गया, जिसके बाद उसके खाते में योजना की राशि पहुंचने लगी। (पुरुष के खाते में आया महतारी वंदन का पैसा)

Mahtari Vandan Yojana

12 महीने तक मिलता रहा लाभ

ऑनलाइन भुगतान रिकॉर्ड के अनुसार, तिलोक साहू (Tilok Sahu Mahtari Vandan paisa) के खाते में करीब 12 महीने तक योजना की राशि जमा होती रही। लंबे समय तक यह गड़बड़ी विभाग की नजर में नहीं आई। मामला उजागर होने के बाद भुगतान रोक दिया गया और आवेदन को स्थायी रूप से होल्ड कर दिया गया।

Mahtari Vandan Yojna: खैरागढ़: महतारी वंदन योजना में सत्यापन प्रक्रिया की बड़ी लापरवाही सामने आई है। खैरागढ़ जिले में एक पुरुष के खाते में महतारी वंदन योजना की राशि करीब 12 महीने तक जमा होती रही। मामला सामने आने के बाद विभाग ने राशि की रिकवरी तो कर ली, लेकिन पूरी सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। (पुरुष के खाते में आया महतारी वंदन का पैसा)

आवेदक ने क्या कहा

तिलोक साहू ने बताया कि वह कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालित करता है। उसके मुताबिक, योजना शुरू होने के शुरुआती दिनों में पोर्टल की प्रक्रिया समझने और परीक्षण के उद्देश्य से उसने स्वयं आवेदन किया था। उसने दावा किया कि उसके खाते में कुल 10 हजार रुपये आए थे और विभाग की कार्रवाई के बाद उसने पूरी राशि वापस कर दी।

भुगतान और रिकवरी में भी अंतर

मामले में एक और विसंगति सामने आई है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में 12 महीने तक भुगतान का उल्लेख है, जबकि विभागीय पत्र में केवल 10 हजार रुपये की रिकवरी का जिक्र किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि यदि 12 महीने तक राशि जारी हुई, तो पूरी रकम की वसूली क्यों नहीं हुई। इस पर विभाग ने फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

अधिकारी ने क्या कहा

परियोजना अधिकारी रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित हितग्राही से राशि की रिकवरी कर ली गई है। अन्य तथ्यों की जानकारी रिकॉर्ड देखने के बाद ही दी जा सकेगी।

 

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