Balod Rape: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र में 59 वर्षीय मकान मालिक ने गरीबी का फायदा उठाकर 22 साल की किराएदार युवती से दुष्कर्म किया और उसे गर्भवती कर दिया। बाद में अपनी करतूत छिपाने के लिए आरोपी ने युवती को पेनकिलर की दवा खिला दी, जिससे प्रसव पीड़ा के दौरान युवती और उसके नवजात बच्चे दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

गरीबी का फायदा उठाकर बनाया शिकार
जानकारी के अनुसार कोविड काल में पिता की मौत के बाद युवती अपनी मां, बहन और भाई के साथ पिछले करीब तीन साल से डौंडीलोहारा में किराए के मकान में रह रही थी। परिवार बेहद गरीब था। मां मजदूरी करती थी, भाई छोटे-मोटे काम करता था और युवती घर पर ही रहती थी।
इसी मकान का मालिक 59 वर्षीय सुनील कुमार घरडे था, जो भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के रिटायर्ड कर्मचारी का बेटा बताया जा रहा है। आरोपी अक्सर युवती से मजाक में शादी की बात करता था। धीरे-धीरे उसने पैसे का लालच देकर युवती के साथ जबरन संबंध बनाए और डराकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा।

गर्भवती होने के बाद धमकाकर रखा चुप
कई बार दुष्कर्म के बाद युवती गर्भवती हो गई। जब चार महीने बाद युवती ने अपनी मां को गर्भवती होने की बात बताई तो मां ने आरोपी से सवाल किया। आरोपी ने बदनामी का डर दिखाकर परिवार को किसी को भी जानकारी न देने की धमकी दी और मामला दबा दिया।
यूट्यूब पर गर्भ गिराने के वीडियो खोजता रहा आरोपी
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी करतूत छिपाने के लिए यूट्यूब पर गर्भ गिराने से जुड़े कई वीडियो सर्च किए थे। जब उसे कोई तरीका समझ नहीं आया तो उसने बच्चे के जन्म के बाद उसे ठिकाने लगाने की योजना बना ली।

लेबर पेन के दौरान पेनकिलर खिलाई, 15 मिनट में मौत
9 मार्च को युवती को नौवें महीने में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस दौरान आरोपी मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेकर आया और युवती को खिला दी। दर्द बढ़ने पर उसने दो और दवाइयां दे दीं। कुछ ही देर में बच्चा आधा बाहर आ चुका था और करीब 15 मिनट के भीतर युवती ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। नवजात शिशु की भी मौके पर ही मौत हो गई।
अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच खुला राज
मां और नवजात की मौत के बाद आरोपी ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। इसी दौरान युवती के रिश्तेदार वहां पहुंचे और शव देखकर शक हुआ, क्योंकि उसका पेट असामान्य रूप से फूला हुआ था। इसके बाद मोहल्ले वालों ने पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ कि युवती के पेट में करीब तीन किलो का नवजात शिशु था, जो जन्म के दौरान फंसा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से खुली सच्चाई
शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने उसका मोबाइल जांचा तो गर्भ गिराने से जुड़े कई वीडियो सर्च करने की जानकारी मिली। इसके बाद डीएनए जांच की बात सामने आते ही आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार घरडे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 90, 91, 105, 238, 351(3) और 64(2)(m) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
