गरियाबंद जिले में एक भाई बना इंसानियत की मिशाल.
जब 9वीं में पढ़ने वाली बहन जमुना नेताम की 12 साल पहले नाले में बहने से मृत्यु हो गई थी. आपको बता दें की एक दिन जब जमुना बरसात के दिनों में स्कूल जाने के लिए बाकड़ी पैरी नाला को ट्यूब के जरिए पार कर रही थी तब अचानक नाले का जलस्तर बढ़ गया. इससे जमुना बह गई. इस घटना से सहमे अन्य छात्रों ने नाला पार करने की जगह स्कूल न जाने का फैसला ले लिया था, लेकिन जमुना के भाई हेमसिंह नेताम ने अपना दुःख भूलकर छात्र-छात्राओं की हिम्मत बंधाई और सभी को सुरक्षित नाला पार कराने का बीड़ा उठा लिया है. आज भी हेमसिंह छात्र-छात्राओं को नाल पार करने में सहायता करते है और शिक्षा की ज्योत को अपने क्षेत्र में जलए रखने की कोशिश में लगे है. आज भी क्षेत्र के लोग पूल निर्माण की बाट जोह रहें हैं.
12 साल पहले डूबी बहन अब भाई छात्र-छात्राओं को कराता है नाल पार, व्यवस्था हारी पर भाई का जज्बा नहीं
