CG Ayushman Bharat Yojana: आयुष्मान भारत योजना के तहत फ्री इलाज बंद होने की आशंका के बीच आम जनता के लिए राहत की खबर आई है। सरकार ने निजी अस्पतालों के लंबित क्लेम भुगतान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 375 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इससे अब प्रदेश के लाखों मरीजों को फ्री इलाज (Free treatment scheme) की सुविधा मिलती रहेगी।

क्यों रुका था निजी अस्पतालों का भुगतान? (Private hospital payment)
निजी अस्पतालों को पिछले 6 माह से आयुष्मान योजना के तहत इलाज का भुगतान नहीं मिला था। बकाया राशि बढ़कर 700 करोड़ से ज्यादा हो गई थी। बार-बार संपर्क करने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला तो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 1 सितंबर से आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद करने की घोषणा कर दी थी।
शीघ्र किया जाएगा भुगतान – मंत्री श्याम बिहारी (Health Minister Shyam Bihari Jaiswal)
आईएमए की घोषणा के बाद शासन ने तुरंत लंबित क्लेम (Ayushman claim settlement) के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि सरकार जनता के प्रति संवेदनशील है। वित्त विभाग के आदेश के बाद अस्पतालों के क्लेम के अनुसार बकाया भुगतान शुरू हो गया है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही शेष बकाया राशि का भी भुगतान कर दिया जाएगा।

आईएमए आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डा. प्रभात पांडे ने बताया कि 31 अगस्त को प्रदेश स्तरीय बैठक पहले से तय है। उस बैठक में शासन की ओर से जारी क्लेम की राशि पर चर्चा की जाएगी। उसके बाद तय होगा कि 1 सितंबर से फ्री इलाज बंद किया जाए या नहीं? उन्होंने बताया कि हमारी केवल एक मांग नहीं है। क्लेम को लेकर हमेशा दिक्कत होती है। इस पर भी हमें शासन का ध्यान आकृष्ट कराना है ताकि एक सिस्टम बन जाए और क्लेम न अटके।
