Raipur Nagar Nigam News: रायपुर नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बाद अब किराए की दुकानों की टैक्स वसूली भी ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था से निगम को प्रत्येक वर्ष लगभग 7 करोड़ रुपये की आय होगी। यह कदम राजस्व संग्रहण को पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
नगर निगम के पास शहरभर में करीब 4,000 दुकानें हैं, जिनका किराया अब तक मैनुअली वसूला जाता था। लेकिन अब इन दुकानों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल सर्वे) कर ऑनलाइन सिस्टम से टैक्स वसूली की जाएगी।
गैर मूल्यांकित प्रॉपर्टी का होगा सर्वे
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने हाल ही में राजस्व विभाग की बैठक में आदेश दिए हैं कि शहर की सभी गैर-मूल्यांकित संपत्तियों का वार्डवार सर्वे किया जाए। इस बैठक में अपर आयुक्त यूएस अग्रवाल, डॉ. अंजलि शर्मा, जसदेव सिंग बांबरा, आईटी एक्सपर्ट रंजीत रंजन सहित सभी जोनों के राजस्व निरीक्षक शामिल थे।
क्या होगा नया सिस्टम?
- अब दुकानदारों को मैनुअल रसीद नहीं मिलेगी, किराया ऑनलाइन जमा करना होगा।
- दुकान का क्षेत्रफल और उपयोग के अनुसार किराया निर्धारित किया जाएगा।
- किरायेदारों का नवीनीकरण और किराया दरों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
- अभी तक 2,035 दुकानों का सर्वे पूरा हो चुका है, बाकी दुकानों को भी जल्द डिजिटल सिस्टम में शामिल किया जाएगा।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था से सिर्फ किराए की दुकानों से ही 10 करोड़ रुपये तक का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
ओपन प्लॉट की पहचान और टैक्स वसूली
शहर में कुल 36,387 ओपन प्लॉट हैं, जिनमें से 19,752 अपडेटेड हैं।
शेष 16,635 प्लॉट मालिकों से टैक्स वसूली नहीं हो रही है।
नगर निगम अब इन सभी प्लॉट को चिह्नित कर टैक्स वसूली की सख्त कार्रवाई करने जा रहा है।
