CG News: गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रात के समय आवागमन प्रतिबंध के दौरान एक गर्भवती महिला को खुले मैदान में बच्चे को जन्म देना पड़ा। रायपुर से देवभोग जा रही यात्री बस तौरेंगा और इंदागांव बैरियर के बीच कई घंटों तक रुकी रही। इसी दौरान प्रसव पीड़ा शुरू होने पर महिला का बैरियर के पास ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। बाद में महतारी एक्सप्रेस की मदद से जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर पहुंचाया गया, जहां दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
प्रतिबंध के दौरान बिगड़ी महिला की तबीयत
ग्राम रसैला, तहसील मैनपुर निवासी संतोषी सोरी रायपुर से देवभोग जाने वाली बस में सफर कर रही थीं। रात करीब दो बजे उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहने के कारण बस बैरियर पर खड़ी थी। यात्रियों और बस स्टाफ ने तुरंत महतारी एक्सप्रेस को सूचना दी, जिसके बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाया गया।
11 घंटे के प्रतिबंध में सुविधाओं का अभाव
घटना के बाद टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रात के समय यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रात में 11 घंटे तक मार्ग बंद रखा जाता है, लेकिन इस दौरान रास्ते में फंसे यात्रियों के लिए पेयजल, भोजन, शौचालय, रोशनी और प्राथमिक चिकित्सा जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अमलीपदर, मैनपुर और देवभोग क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी मार्ग से यात्रा करते हैं। ऐसे में प्रसव, बीमारी या अन्य आपात स्थिति में तत्काल सहायता नहीं मिल पाना बड़ी समस्या बन जाता है।
एंबुलेंस और सुरक्षित प्रतीक्षालय की मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने तौरेंगा और इंदागांव बैरियर पर चौबीसों घंटे एंबुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा दल, सुरक्षित प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही वन्यजीवों की गतिविधियों के वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर रात के प्रतिबंध की अवधि की समीक्षा करने की भी मांग उठाई गई है।
बसों को आपात सेवा में शामिल करने की तैयारी
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपसंचालक कर्णध्वज जैन ने बताया कि यात्री बसों को भी आपातकालीन सेवाओं की श्रेणी में शामिल करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही बैरियर पर बने जर्जर प्रतीक्षालयों की मरम्मत कर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

