Bastar Dussehra 2026: छत्तीसगढ़ के विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के अंतर्गत 23 अक्टूबर को जगदलपुर के ऐतिहासिक सिरहासार भवन में आयोजित होने वाले पारंपरिक मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। राष्ट्रपति की मौजूदगी बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सदियों पुरानी परंपराओं और सामाजिक विरासत के लिए गौरवपूर्ण अवसर होगी।
राष्ट्रपति के मुरिया दरबार में शामिल होने से बस्तर की अनूठी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक संवाद व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति भवन में दिया गया था आमंत्रण
बता दें कि बस्तर का मांझी दल और बस्तर पंडुम के विजेता राष्ट्रपति से मुलाकात करने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। इस दौरान मांझी दल के प्रतिनिधियों और बस्तर के युवाओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण दिया था।
राष्ट्रपति ने इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए बस्तर से पहुंचे अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया था और अपने हाथों से उन्हें भोजन भी परोसा था।
बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का संगम माना जाता है। इसी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा मुरिया दरबार बस्तर की सदियों पुरानी पारंपरिक संवाद व्यवस्था का प्रतीक है।
इसमें मांझी-चालकी और पारंपरिक प्रतिनिधियों की भागीदारी होती है। यह परंपरा जनजातीय समाज में आपसी संवाद, सामूहिक भागीदारी और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने का माध्यम रही है।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बस्तर में उत्साह
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन और मुरिया दरबार में शामिल होने को लेकर जनजातीय समाज, मांझी-चालकी और बस्तर दशहरा से जुड़े लोगों में खास उत्साह है।
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित प्रदेश के मंत्री, बस्तर सांसद, जगदलपुर विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, प्रशासनिक अधिकारी और बस्तर दशहरा समिति के सदस्य मौजूद रहेंगे।
