CG Breaking: चाचा ने 6 साल की सगी भतीजी से किया रेप; फिर मर्डर कर कार में रखा शव, आरोपी को फांसी की सजा

CG Breaking: दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में 6 साल 3 माह की मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी चाचा सोमेश यादव (24) को विरलतम से विरलतम अपराध मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

देखें वीडियो-  https://www.instagram.com/reel/DIJdK9QqZSu/?stkn=MjNmMXhvM2x2b29

 

बता दें, फांसी की सजा पाने वाला आरोपी मासूम बच्ची का चाचा है। घटना 6 अप्रैल 2025 की है। जब आरोपी ने अपनी ही भतीजी को अगवा कर रेप किया था। आरोपी ने रेप कर बच्ची की हत्या कर दी थी, इतना ही नहीं बल्कि उसने मासूम के प्राइवेट पार्ट को आंक दिया था और लाश को कार में रख दिया था।

विशेष न्यायाधीश चतुर्थ एफटीएससी पॉक्सो कोर्ट दुर्ग ने 10 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी माना। कोर्ट ने आरोपी को मृत्युदंड के साथ 5-5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी है।

इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 238(क) के तहत आरोपी को 5 साल सश्रम कारावास और 1000 रुपए जुर्माने से भी दंडित किया गया है। कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 7 लाख रुपए प्रतिकर राशि देने का आदेश भी दिया है। मृत्युदंड की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट बिलासपुर भेजा जाएगा।

क्या था पूरा मामला

घटना 6 अप्रैल 2025 की है। मोहन नगर थाना क्षेत्र में 6 साल की बच्ची के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू की। तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने बच्ची को एक वाहन से बरामद किया।

पुलिस तत्काल बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। जांच में दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया।

वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मजबूत हुआ केस

मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया था। जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाया और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए।

जांच में घटनास्थल का निरीक्षण कर सूक्ष्म साक्ष्य एकत्र किए गए। आरोपी के कपड़े, मृत बच्ची के जैविक नमूने, स्वाब, बाल और नाखून सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए गए।

इसके अलावा आरोपी और बच्ची के डीएनए नमूनों का मिलान कराया गया। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज व डीवीआर भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर जरूरी वस्तुओं की बरामदगी भी की।

 

इन सभी भौतिक, जैविक, चिकित्सकीय, डीएनए और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जांच के बाद न्यायालय में पेश किया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक रूपवर्षा दिल्लीवार ने मामले में प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *