CG News: कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र में बाइक चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। महंगी बाइक चलाने के शौक में तीन दोस्तों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया, लेकिन चोरी के बाद डुप्लीकेट चाबी बनवाने की कोशिश ने उन्हें पुलिस तक पहुंचा दिया। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू और दो नाबालिगों को पकड़ लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की पल्सर RS 200 बाइक और एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई है।![]()
डुप्लीकेट चाबी बनवाने पहुंचे आरोपी
मामला 6 सितंबर का है। कुदरीपारा नंबर-2 निवासी देव कुमार अहिरवार ने बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने 5 सितंबर की रात करीब 10 बजे अपनी पल्सर आरएस 200 बाइक क्रमांक सीजी CG 12 BT 6722 को दुकान के सामने लॉक कर खड़ा किया था।
अगली सुबह करीब 7 बजे बाइक मौके से गायब मिली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
कारीगर निकला मालिक का रिश्तेदार
जांच के दौरान पता चला कि चोरी करने के बाद आरोपी बाइक की डुप्लीकेट चाबी बनवाने के लिए कोरबा के टीपी नगर स्थित एक चाबी दुकान पहुंचे थे। लेकिन उनकी किस्मत खराब थी, क्योंकि जिस बाइक की चाबी बनवाने वे पहुंचे थे, उसके मालिक का रिश्तेदार ही वहां चाबी बनाने का काम करता था।
दुकानदार को बाइक पर शक हुआ और उसने तुरंत डायल 112 को सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया।
पूछताछ में दो और चोरी का खुलासा
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और डायल 112 की मदद से आरोपी मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू पिता विक्रमलाल निषाद उम्र 19 वर्ष निवासी भिलाईबाजार थाना हरदीबाजार को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर बांकीमोंगरा से पल्सर बाइक और कुसमुंडा क्षेत्र से एक्टिवा स्कूटी चोरी की थी। पुलिस ने दोनों वाहनों को बरामद कर लिया है।
महंगी बाइक चलाने का था शौक
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें महंगी बाइक चलाने का शौक था, लेकिन पैसे नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी मोनेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं दोनों नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड कोरबा भेजा गया है।

