Raipur News: छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ के खिलाफ संयुक्त मसीही समाज ने कड़ा विरोध जताया है। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे संविधान की उद्देशिका के विपरीत बताते हुए कहा कि यह धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन करता है। (धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर फूटा मसीही समुदाय का गुस्सा)

रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में संयुक्त मसीही समाज के प्रमुख एडवोकेट डेरेश्वर बंजारे और प्रभाकर सोनी ने कहा कि यह विधेयक न केवल मसीही समाज, बल्कि अन्य समुदायों को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज इस कानून के खिलाफ मशाल यात्रा निकालेगा और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगा। (धर्म स्वातंत्र्य विधेयक मसीही समाज विरोध)

समाज के पदाधिकारियों ने विधेयक में इस्तेमाल किए गए ‘प्रलोभन’ शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसकी स्पष्ट परिभाषा दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि धर्म के प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने जैसी बातें व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन हैं। आप मेरे स्वत:करण को कैसे रोक सकते हैं. परंपराओं को मानना पड़ेगा. यही नहीं अगर किसी का धर्मांतरण कराते हैं, तो उसके ब्लड डोनेशन को लेकर लोग आपत्ति करेंगे.( Chhattisgarh Christian protest)

