Gold Silver Rate Today: वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक तनावों के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven Buying) की बढ़ती मांग से गुरुवार को सोना और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के बाद बुलियन बाजार में जबरदस्त उछाल देखा गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.1 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,511.79 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में सोने ने 5,591.61 डॉलर प्रति औंस का सर्वकालिक उच्च स्तर भी छुआ। उल्लेखनीय है कि सोमवार को सोना (Gold Rate Today) पहली बार 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया था और इस सप्ताह अब तक इसमें 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है।

वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 1.3 प्रतिशत बढ़कर 118.061 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि कारोबार के दौरान यह 119.34 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची। निवेशकों का रुझान सोने के मुकाबले सस्ते विकल्प के रूप में चांदी (Silver Rate Today) की ओर बढ़ने, सप्लाई की कमी और मोमेंटम बाइंग के चलते चांदी में मजबूती बनी हुई है।
भारतीय बाजार में भी इसका सीधा असर देखने को मिला। चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई, जबकि सोना 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर कारोबार करता नजर आया।

सालभर में जबरदस्त तेजी (Gold Price Record High)
इस साल अब तक सोने की कीमतों में 27 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की जा चुकी है, जबकि 2025 में ही सोना करीब 64 प्रतिशत उछल चुका था। वहीं चांदी की कीमतें भी इस साल अब तक 60 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बुलियन बाजार में यह तेजी सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग, केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी और डॉलर की कमजोरी के कारण बनी हुई है।
2027 तक 8000 डॉलर तक जा सकता है सोना
PL Capital के रिटेल ब्रोकिंग एवं डिस्ट्रीब्यूशन के सीईओ और निदेशक संदीप रायचुरा ने कहा कि सोना अब एक संरचनात्मक बुल रन (Structural Bull Run) में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि सोना पहले ही 5000 डॉलर के लक्ष्य को पार कर चुका है और मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए पुराने आंकड़ों के आधार पर कीमतों का आकलन करना अब प्रभावी नहीं रहेगा। उनके मुताबिक दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है और आने वाले दो वर्षों में यानी 2027 तक सोना 8000 डॉलर प्रति औंस को भी पार कर सकता है।
