CG Teachers Promotion: शिक्षक प्रमोशन पर हाईकोर्ट की सख्त, पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक

CG Judicial Transfer: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा संवर्ग के 17 न्यायिक अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। बिलासपुर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आदेश के तहत जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा हाईकोर्ट में पदस्थ कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

CG Teachers Promotion: छत्तीसगढ़ में शिक्षक पदोन्नति को लेकर चल रही प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप किया है। स्कूल शिक्षा विभाग में प्राथमिक शाला प्रधानपाठक से व्याख्याता पद पर पदोन्नति से जुड़े मामलों में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए 22 दिसंबर 2025 को हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश से प्रदेशभर में शिक्षक प्रमोशन प्रक्रिया फिलहाल ठप हो गई है।

क्या है पूरा मामला

याचिकाकर्ता बृजेश मिश्रा एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि वे वर्ष 2010 से प्राथमिक शाला के हेड मास्टर पद पर कार्यरत हैं। 1 जनवरी 2022 को आयोजित डीपीसी में उन्हें पदोन्नति के लिए पात्र घोषित किया गया था, लेकिन कुछ याचिकाओं के न्यायालय में लंबित रहने के कारण उस समय पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए गए।

9 मार्च 2023 को खत्म हो गई थी कानूनी बाधा

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि संबंधित प्रकरणों का 9 मार्च 2023 को अंतरिम निराकरण हो चुका था, जिसके बाद पदोन्नति में कोई कानूनी अड़चन शेष नहीं रही। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने 2022 की डीपीसी को लागू नहीं किया, जिससे योग्य शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित रहना पड़ा।

वरिष्ठता सूची तय किए बिना लागू किया नया नियम

याचिका में आरोप लगाया गया कि जब मामला न्यायालय में लंबित था, उसी दौरान वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप दिए बिना नया नियम लागू कर दिया गया, जो सेवा नियमों के खिलाफ है।

2019 के नियमों का उल्लंघन

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2019 का उल्लंघन करते हुए 22 दिसंबर 2025 को नया नियम लागू किया गया। इस नियम में केवल शिक्षक एलबी संवर्ग को शामिल किया गया, जबकि ई संवर्ग के नियमित शिक्षकों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया, जो समानता के संवैधानिक सिद्धांत के विपरीत है।

हाईकोर्ट का सख्त रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पदोन्नति प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि शिक्षक प्रमोशन की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

 

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