Raipur Dussehra 2026: राजधानी रायपुर में इस बार दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। 20 अक्टूबर को शहर के विभिन्न मैदानों में रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सबसे बड़ा आकर्षण WRS मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन रहेगा। इस बार रावण के पुतले बनाने की लागत भी पिछले साल की तुलना में करीब 15 से 20 प्रतिशत बढ़ गई है।
महंगी हुई रावण बनाने की लागत
पुतला बनाने वाले कारीगरों के अनुसार बांस, कागज, रंगीन पेपर, कपड़ा, पेंट और सजावटी सामग्री की कीमत बढ़ने से निर्माण लागत में इजाफा हुआ है। आतिशबाजी और अन्य सजावट का खर्च भी पहले से अधिक हो गया है।
WRS मैदान के पास ट्रेनों की रफ्तार रहेगी कम
दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर उरकुरा से रायपुर स्टेशन के बीच दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। लोको पायलट लगातार हॉर्न बजाते हुए ट्रेन चलाएंगे और जरूरत पड़ने पर ट्रेन रोक भी सकेंगे। रेलवे का यह निर्णय मैदान के पास से गुजरने वाली मुंबई-हावड़ा रेल लाइन पर भीड़ को देखते हुए लिया गया है।
250 जवान रहेंगे तैनात
रेलवे ट्रैक और आयोजन स्थल की सुरक्षा के लिए आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के करीब 250 जवान तैनात रहेंगे। ट्रैक के पास बैरिकेडिंग की जाएगी और समय-समय पर माइक से लोगों को रेलवे लाइन से दूर रहने की अपील की जाएगी।
जाम और ट्रेन लेट होने की संभावना
दोपहर से ही WRS मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। शाम के समय फाफाडीह से WRS मैदान तक यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं ट्रेनों की रफ्तार कम रहने के कारण सामान्य स्थिति में 5 मिनट और व्यस्त समय में 10 मिनट तक की देरी हो सकती है।
शहर के अन्य मैदानों में भी होगा आयोजन
बोरियाखुर्द के खेल मैदान में 45 फीट के रावण के साथ 30-30 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। यहां रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पतंग उत्सव और भजन संध्या का आयोजन भी होगा।
बूढ़ापारा स्थित सप्रे स्कूल मैदान में शाम 6 बजे 50 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। वहीं रावणभाठा मैदान और शंकर नगर के बीटीआई मैदान में भी दशहरा उत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।




